डॉ. वैभव “नायाब” शर्मा ।“ज़ुबान के बादशाह • रूहानी फ़रिश्ता • शब्दों को जादू में बदल देने वाली शख़्सियत”।
पुणे की कानून की गलियों से लेकर बॉलीवुड, उर्दू शायरी और सेलिब्रिटी एंकरिंग की चमकती दुनिया तक—प्रतिभा, सफलता और सम्मान की एक बेमिसाल दास्तान । कुछ शख़्सियतें कमरे में प्रवेश करती हैं… कुछ मंच पर…













































